यदि पढ़ाई में नहीं लगता है मन तो जरूर अपनाएं यह बेहद जरूरी टिप्स

लगभग हर स्टूडेंट की यह शिकायत होती है कि उसका पढ़ने में मन नहीं लगता या फिर वह पढ़ा हुआ सब कुछ भूल जाता है जबकि एक कलेक्टर भी सामान किताबों को पढ़कर कलेक्टर बनता है और दूसरा विद्यार्थी जोकि असफल हो जाता है वह भी वही किताबें पढ़ता है जो उस विद्यार्थी ने पड़ी है जो आज कलेक्टर है तो समझने योग्य बात यह है कि आखिर उस दूसरे विद्यार्थी ने ऐसी क्या गलतियां की जिसकी वजह से वह अपने परीक्षा में पास नहीं कर सका या उसे उसका पढ़ा हुआ याद नहीं रहा तो आज हम इसी बारे में बात करेंगे कि आप किस प्रकार अपना मन पढ़ाई में लगा सकते हैं और अपने पढ़े हुए सब्जेक्ट को अच्छी तरह से याद रख सकते हैं।

सबसे जरूरी है कि आपको अपना माइंड सेट बना लेना चाहिए कि आपको किस चीज के लिए पढ़ाई करनी है? और आपको क्या क्या पढ़ना है? आपको यह नहीं सोचना चाहिए कि आप कब से पढ़ेंगे? क्योंकि यदि आप ऐसा सोचेंगे तो आपका मस्तिष्क अपने आप ही आपको पढ़ाई में देर करने के बहाने खोज खोज कर देता रहेगा परंतु जो व्यक्ति बहाने बनाकर पढ़ाई से बचना चाहता है, वह अपने लक्ष्य में भी कामयाब नहीं हो सकता क्योंकि पढ़ते समय भी वह बहानेबाजी के चक्कर में अपना पढ़ा हुआ भी याद नहीं रख पाता और उसके पढ़ने या ना पढ़ने का कोई भी फायदा नहीं होता।
वही दूसरे हाथ पर कुछ विद्यार्थी ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ पढ़ने में ही लगे रहते हैं उनके पास कोई नीति नहीं होती वह केवल बिना किसी प्लानिंग के हमेशा पढ़ते ही रहते हैं, जिसकी वजह से उन्हें भी सफलता नहीं मिलती
इसीलिए सबसे पहले आपको यह ज्ञात होना चाहिए कि आप एग्जाम के लिए पढ़ रहे हैं और उसका सिलेबस क्या है तभी आप उसमें सफल होने के लिए अपना प्रयास कर सकेंगे।

अब जब आपको यह ज्ञात हो गया है कि आपका सिलेबस क्या है तो आपको क्या करना है कि जो आपका सिलेबस है उसे कई भागों में बांट लेना चाहिए और एक टाइम टेबल तैयार करना चाहिए जिसके अनुसार आप रोजाना एक निश्चित टारगेट तक की तैयारी करेंगे और चाहे जो हो जाए आप अपना टारगेट पूरा किए बिना नहीं सोएंगे।

जब भी आप कोई टॉपिक पड़े तो उसे समझने की कोशिश करें ना कि उसे रटने की क्योंकि जब हम किसी टॉपिक को रटने की कोशिश करते हैं तो हम थोड़े ही समय बाद उसे उन्हें भूल जाते हैं क्योंकि इतने बड़े सिलेबस को रटा नहीं जा सकता बहुत से बच्चे तो सिलेबस को लिख लिख कर याद करने की कोशिश करते हैं फिर भी कुछ समय बाद में उसको भूल जाते हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे उस टॉपिक के बारे में मूल रूप से कुछ नहीं जानते और सिर्फ अक्षर या कुछ लाइनें याद करके वे समझते हैं कि हमने पर टॉपिक पूरा कंप्लीट कर लिया जबकि ऐसा नहीं होता किसी भी टॉपिक को कंप्लीट करने के लिए आपको उसका समझना जरूरी है। उसका संदर्भ आपको पता होना चाहिए तभी आप उसकी व्याख्या कर सकते हैं।

तो अब आप समझ ही गए होंगे की प्लानिंग कितनी जरूरी है केवल मेहनत करने से काम नहीं चलता हमें मेहनत कब, कितनी और कहां करनी है यह भी ज्ञात होना चाहिए और हमारा ध्यान एकाग्र होना चाहिए। जिससे हम जब जब पढ़ाई कर रहे हैं तो कोई अन्य विचार हमारे दिमाग में नहीं आना चाहिए हमें पूर्ण रूप से उस विषय पर फोकस करना चाहिए। जिसको हम पढ़ रहे हैं ऐसा करने से हम बड़े से बड़े सिलेबस को बहुत जल्दी कंप्लीट कर सकते हैं और अपनी तैयारी को बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ा सकते हैं।

कई बार विद्यार्थियों को एकाग्रता में भी दिक्कत होने लग जाती है जैसे कि उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता वह जब भी पढ़ने बैठते हैं उन्हें इधर-उधर के ख्याल उनका मन भटकाने लग जाते हैं, ऐसे में उन्हें यह जरूरी है कि अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसे टास्क ऐड करें जिससे उनका माइंड फ्रेश रहे। जैसे वह थोड़ी देर के लिए म्यूजिक सुन सकते हैं या बाहर ताजी हवा में घूम सकते हैं उसके बाद उन्हें पुनः पढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
अपनी एकाग्रता बढ़ाने के लिए हम सभी को थोड़ी देर जरूर ध्यान करना चाहिए इससे हमारी एकाग्रता काफी हद तक बढ़ जाती है और हमारी स्मरण शक्ति भी मजबूत होती है। इसलिए मैं सभी विद्यार्थियों से यही कहूंगा कि आप सभी को नियमित व्यायाम के साथ-साथ थोड़ी देर आंखें बंद करके ध्यान भी करना चाहिए।

व्यायाम और ध्यान के साथ-साथ सभी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे नियमित और पौष्टिक आहार ले जिससे उनके अंदर चुस्ती फुर्ती बनी रहे और पढ़ते समय उन्हें थकान महसूस ना हो। विद्यार्थियों को रात को सोते समय गुनगुना दूध जरूर पीना चाहिए।

आहार के साथ-साथ सभी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वह अपनी नींद पर भी पूरा ध्यान दें सभी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए जरूरी है वे उपयुक्त नींद ले, जिससे उन्हें पढ़ते समय आलस्य ना आए और उनकी एकाग्रता में भी कोई कमी ना रहे। सभी पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रात्रि जल्दी सोना चाहिए और प्रातः जल्दी ही उठना चाहिए इससे उन्हें पढ़ने के लिए अधिक से अधिक समय मिलता है और वे अपने सिलेबस को जल्दी से जल्दी समाप्त कर सकते हैं।

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